उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 10 वर्षीय बच्ची के कथित अपहरण, बलात्कार के प्रयास और हत्या के आरोप में पुलिस कॉन्स्टेबल अभिषेक यादव को गिरफ़्तार किया गया है. अभिषेक को 2025 में एक महिला के साथ बदसलूकी के मामले में निलंबित किया गया था, जिसके बाद उसकी बहाली हुई थी. बताया गया है कि अब उसके ख़िलाफ़ बर्ख़ास्तगी और रासुका के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश पुलिस के एक कॉन्स्टेबल की गुरुवार (30 जुलाई) को गोरखपुर जिला अस्पताल में उस समय डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों ने पिटाई कर दी, जब उसे मेडिकल जांच के लिए वहां लाया गया था.
बताया जा रहा है कि अस्पतालकर्मी इस बात से नाराज़ थे कि कॉन्स्टेबल अभिषेक यादव पर 10 वर्षीय बच्ची के साथ कथित तौर पर रेप का प्रयास करने और उसकी हत्या करने का आरोप है. बच्ची का शव बाद में एक नदी के किनारे बरामद हुआ था.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 2018 बैच के कॉन्स्टेबल अभिषेक यादव को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, लेकिन उससे पहले मेडिकल जांच कराने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा. आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों ने उसकी पिटाई कर दी.
बताया गया है कि बुधवार दोपहर बच्ची अस्पताल में एक मरीज से मिलने के बाद अपनी बहन के साथ घर लौट रही थी. इसी दौरान आरोप है कि कॉन्स्टेबल उसे मोटरसाइकिल पर जबरन अपने साथ ले गया. इलाके के सीसीटीवी फुटेज में पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति बच्ची का पीछा करता दिखाई दिया. जांच में मोटरसाइकिल अभिषेक यादव की निकली और पुलिस का कहना है कि उसी की निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया गया.
गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कौस्तुभ ने मीडिया को बताया कि अभिषेक यादव को पुलिस सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
एसएसपी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘इतने जघन्य अपराध में शामिल होने के बाद वह पुलिस बल में रहने का हकदार नहीं है. वह आदतन अपराधी है. पिछले साल जनवरी में एक महिला से कथित बदसलूकी के आरोप में उसे जेल भेजा गया था और निलंबित भी किया गया था. बाद में उसे जमानत मिल गई और सितंबर में उसका निलंबन वापस ले लिया गया. इसके बाद वह डायल 112 यूनिट में तैनात था.’
डायल 112 उत्तर प्रदेश की आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा है, जिसके जरिए पुलिस, अग्निशमन, एंबुलेंस और अन्य आपात सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं.
एसएसपी ने बताया कि आरोपी तक पहुंचने के लिए जांचकर्ताओं ने 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की. यह जानकारी एनडीटीवी ने भी अपनी रिपोर्ट में दी है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्स्टेबल के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी.
बच्ची के परिवार ने उसके लापता होने की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई थी. इसी शिकायत के बाद जांच शुरू हुई, जिसके परिणामस्वरूप अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया गया और अगले दिन सुबह बच्ची का शव बरामद किया गया.