जो पत्थर चीनी हथौड़ी की मार सहन करता है वही परमात्मा बनता है-साध्वी श्री निरागरसा श्रीजी महाराज साहब

जो पत्थर चीनी हथौड़ी की मार सहन करता है वही परमात्मा बनता है-साध्वी श्री निरागरसा श्रीजी महाराज साहब

जीवन में समता रखना ही लाइफ का आर्ट है
महिदपुर रोड श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में विराजित परम पूज्य साध्वी डॉ अमृतरसा श्री जी एवं निरागरसा श्री जी महाराज साहब ने गुरुवार को धर्म सभा में जिनवाणी का रसपान कराते हुए कहा कि जीवन में समता रखना ही लाइफ का आर्ट है जीवन में हमेशा संभाव रखना चाहिए परमात्मा प्रभु महावीर में असीम शक्ति होने पर भी अनेक उपसर्ग आए लेकिन उन्होंने संभाव से कर्मों को सहन किया क्योंकि वह जानते थे कि यह मेरे ही अपने पूर्व भव के किये कर्म है। जो अब उदय में आए हैं।शत्रु मित्र को एक समान समझना वही संमभाव है। अति सर्वत्र वर्जते अर्थात किसी भी कार्य की अति नहीं करना चाहिए। जीवन में जो सहन शीलता रखता है। वही जीवन में आगे बढ़ता है जिस प्रकार से जो पत्थर चीनी हथौड़ी की मार सहन करता है वही परमात्मा बनता है जो अग्नि की तपन को सहन करता है वही सोना बनता है। जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आज के संपूर्ण दिवस सा धार्मिक भक्ति एवं प्रभावना का लाभ रमेश चंद्र मनोज कुमार बोथरा परिवार द्वारा लिया गया। मंगलकारी अवसर पर सकल जैन श्री संघ ने उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया