सत्ता, संगठन और संघ के दिशा-निर्देश दरकिनार, अनुशासन, भाषा की गरिमा तार-तार
भोपाल/मंगल भारत

मप्र में भाजपा सरकार के मंत्रियों, विधायकों और पदाधिकारियों द्वारा अधिकारियों को धमकी देने और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यह स्थिति तब है जब सत्ता, संगठन और संघ के सख्त दिशा-निर्देश है कि भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि अनुशासन, भाषा की गरिमा और आचरण पर विशेष ध्यान दें। यही नहीं पार्टी संगठन समय-समय पर नोटिस जारी करके इन घटनाओं को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बार-बार दोहराई जा रही ऐसी घटनाओं ने भाजपा की अनुशासित पार्टी वाली छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। पार्टी का इस बात पर हमेशा फोकस रहता है कि उसके नेता और कार्यकर्ता अपनी हद में रहे। लेकिन मप्र में वरिष्ठ नेताओं के बिगड़े बोल और अधिकारियों को खुलेआम दी जा रही धमकियों ने पार्टी की किरकिरी कराई है। पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा के एसडीओपी (प्रशिक्षु आईपीएस) आयुष जाखड़ को खुलेआम धमकी दी। इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे पहले विधानसभा के बजट सत्र में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था। मई, 2025 में प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने एक सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसी माह के शुरू में हाई कोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ आपराधिक अवमानना के मामले में निर्देश जारी किए। उन पर अवैध उत्खनन मामले की सुनवाई कर रहे हाई कोर्ट जज से संपर्क करने की कोशिश का आरोप है।
विधायकों की कार्यप्रणाली चिंताजनक: मप्र भाजपा के कुछ विधायकों ने पिछले कुछ समय के दौरान ऐसी हरकते की हैं, जो चिंताजनक है। सागर जिले की देवरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक बृजबिहारी पटैरिया ने एक मामले में पुलिस द्वारा डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने से नाराज होकर केसली थाने के भीतर ही अपना इस्तीफा लिख दिया और उसे विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया। कुछ दिन पहले उनकी बेटी प्रियंका पटैरिया पर एक युवक के साथ जूते से मारपीट करने का आरोप लगा है। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ। मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल एक वीडियो में एडिशनल एसपी अनुराग पांडेय के सामने दंडवत होते नजर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी अपराधियों के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने अगस्त 2025 में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव पर मुक्का (घूंसा) ताना था और उन्हें चोर कहा था।
महिला आरक्षण पर एक-दूसरे को घेरने की तैयारी
महिला आरक्षण को लेकर भाजपा और कांग्रेस में ठन गई है। दोनों ने एक-दूसरे को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिस्ते का ठीकरा भाजपा मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर फोड़ रही है। 27 अप्रैल को होने जा रहे विस के एक दिवसीय विशेष सत्र में भाजपा की कोशिश यही रहेगी कि कांग्रेस को महिला विरोधी ठहराया जाए। इसकी काट में एक ओर जहां विस के भीतर कांग्रेस विधायक दल की ओर से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को बिना परिसीमन और जनगणना को ढाल बनाए लागू करने का संकल्प प्रस्तुत किया जाएगा तो दूसरी ओर संगठन की तैयारी विधानसभा का घेराव करने की है। इस पर निर्णय एक-दो दिन में होगा। भाजपा और कांग्रेस, महिला आरक्षण के मुद्दे पर एक-दूसरे को घेरने का प्रयास कर रही है। भाजपा ने जहां कई स्तरीय कार्यक्रम निर्धारित किए हैं, जिसमें विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना और उसमें कांग्रेस के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव लाना शामिल है।