एमपी में सभी मॉल, कालेज, होटल रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी की होगी जांच

दिल्ली हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार

भोपाल/मंगल भारत। दिल्ली के होटल अग्निकांड के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने राज्यभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा का निर्णय लिया है। अब मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, कॉलेज और अन्य बड़े भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच की जाएगी। जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (सीएमओ) को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार, ऐसे भवन जिन्हें ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (एबी पास) के तहत भवन अनुज्ञा मिले तीन वर्ष या उससे अधिक समय हो चुका है, उनकी फायर एनओसी और फायर सेफ्टी प्रमाणपत्रों का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) के तहत 15 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले भवन, एक तल पर 500 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र वाले भवन और अन्य पात्र श्रेणी की इमारतों में अग्नि सुरक्षा प्रावधानों का पालन अनिवार्य है। ऐसे भवनों की विशेष निगरानी की जाएगी।
फायर सिस्टम और एनओसी की होगी पड़ताल
जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भवनों में स्वीकृत फायर सेफ्टी प्लान के अनुरूप व्यवस्थाएं मौजूद हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि भवन मालिक या डेवलपर ने आवश्यक फायर एनओसी और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त किए हैं अथवा नहीं। अधिकारियों को मौके पर जाकर अग्नि सुरक्षा उपायों के वास्तविक अनुपालन की भी पुष्टि करनी होगी। जिन भवनों का अब तक फायर ऑडिट नहीं हुआ है, उन्हें नोटिस जारी कर अनिवार्य रूप से फायर ऑडिट कराने के निर्देश दिए जाएंगे।