चुरहट: ग्राम कोस्टा में मिले नर कंकाल का मामला, एसपी ने कहा- DNA रिपोर्ट के बाद ही तय होगी आगे की कार्रवाई.

विंध्य भूमि/ चुरहट बलराम पांडेय: चुरहट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोस्टा में बीते 1 जुलाई को मिले एक नर कंकाल के मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस कंकाल की पहचान चुरहट विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मवई बघेड़ा निवासी [परिजनों के दावे के अनुसार] व्यक्ति की पुत्री के रूप में भौतिक सत्यापन के आधार पर की गई थी। इस मामले में परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए समय पर रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप लगाया है।
एसपी संतोष कोरी ने लिया जायजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधी पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कोरी ने घटनास्थल का दौरा किया। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए एसपी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कंकाल की पहचान केवल भौतिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है, जो कि निर्णायक नहीं है.

”DNA रिपोर्ट ही बताएगी सच्चाई”
एसपी ने कहा, “अक्सर देखने में आता है कि भौतिक पहचान के आधार पर जिसे मृत समझा जाता है, वह बाद में जीवित अवस्था में मिल जाती है। इसलिए, वैज्ञानिक साक्ष्यों के लिए कंकाल का DNA सैंपल जांच हेतु भेजा गया है। जैसे ही रिपोर्ट प्राप्त होगी और DNA मिलान होगा, उसके आधार पर पुलिस द्वारा सख्त कार्यवाही की जाएगी।”
FIR में देरी पर दी सफाई
रिपोर्ट दर्ज करने में देरी के आरोपों पर सफाई देते हुए एसपी संतोष कोरी ने बताया कि पुलिस प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत चलती है। उन्होंने कहा, “FIR हमेशा उस स्थान पर दर्ज की जाती है जो पीड़िता की ‘लास्ट लोकेशन’ (अंतिम स्थान) होती है। इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए मामला संबंधित क्षेत्र में दर्ज कराया गया था। शव बरामद होने के बाद हमने ही रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू की है।”
परिजनों के साथ संवाद
एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन परिजनों के संपर्क में है और उन्हें पूरे घटनाक्रम व जांच प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि वर्तमान में परिजन जांच की प्रक्रिया से संतुष्ट हैं और पुलिस की प्राथमिकता अब वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर मामले का खुलासा करने की है।
मंगल भारत/ चुरहट बलराम पांडेय: चुरहट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोस्टा में बीते 1 जुलाई को मिले एक नर कंकाल के मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस कंकाल की पहचान चुरहट विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मवई बघेड़ा निवासी [परिजनों के दावे के अनुसार] व्यक्ति की पुत्री के रूप में भौतिक सत्यापन के आधार पर की गई थी। इस मामले में परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए समय पर रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप लगाया है।
एसपी संतोष कोरी ने लिया जायजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधी पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कोरी ने घटनास्थल का दौरा किया। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए एसपी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कंकाल की पहचान केवल भौतिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है, जो कि निर्णायक नहीं है।
”DNA रिपोर्ट ही बताएगी सच्चाई”
एसपी ने कहा, “अक्सर देखने में आता है कि भौतिक पहचान के आधार पर जिसे मृत समझा जाता है, वह बाद में जीवित अवस्था में मिल जाती है। इसलिए, वैज्ञानिक साक्ष्यों के लिए कंकाल का DNA सैंपल जांच हेतु भेजा गया है। जैसे ही रिपोर्ट प्राप्त होगी और DNA मिलान होगा, उसके आधार पर पुलिस द्वारा सख्त कार्यवाही की जाएगी।”
FIR में देरी पर दी सफाई
रिपोर्ट दर्ज करने में देरी के आरोपों पर सफाई देते हुए एसपी संतोष कोरी ने बताया कि पुलिस प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत चलती है। उन्होंने कहा, “FIR हमेशा उस स्थान पर दर्ज की जाती है जो पीड़िता की ‘लास्ट लोकेशन’ (अंतिम स्थान) होती है। इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए मामला संबंधित क्षेत्र में दर्ज कराया गया था। शव बरामद होने के बाद हमने ही रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू की है।”
परिजनों के साथ संवाद
एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन परिजनों के संपर्क में है और उन्हें पूरे घटनाक्रम व जांच प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि वर्तमान में परिजन जांच की प्रक्रिया से संतुष्ट हैं और पुलिस की प्राथमिकता अब वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर मामले का खुलासा करने की है।