कई नेता हिरासत में, रात में हुए रिहा.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खडग़े की गिरफ्तारी होते ही कांग्रेस भडक़ रही। प्रदेश भर में प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस सडक़ से सदन तक धरने पर बैठ गई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में प्रदेश के सारे कांग्रेस विधायक विधानसभा में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने देर रात तक जमीन पर ही लेटे रहे और जमकर नारेबाजी करते रहे। वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी सहित प्रदेश एवं जिला कांग्रेस के नेता लोकभवन राजभवन के सामने धरना दे रहे थे। देर रात पुलिस बल ने सभी प्रदर्शनकारियों को जबरन धरने से उठाकर गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पटवारी, जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, शबिस्ता जकी, अभिषेक शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रदेश व जिला पदाधिकारी शाम को ही राजभवन पहुंच गए थे। राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर विरोध जताते हुए सारे कांग्रेस नेता राजभवन के गेट के सामने ही धरना देकर बैठ गए। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। रात करीब 11 बजे भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और बातचीत के दौरान ही पटवारी को उठा लिया। काफी धक्का मुक्की और नारों के बीच पुलिस ने धरने पर बैठे सारे नेताओं व कार्यकर्ताओं को जबरन धरने से उठाकर पुलिस वेन में भर दिया। गिरफ्तार किए गए सभी कांग्रेस नेताओं को पुलिस थोड़ी देर बाद भदभदा के पास रास्ते में उतार दिया।
प्रदेशभर में हुए प्रदर्शन, पुलिस से धक्का-मुक्की
भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, कटनी, खंडवा, हरदा, शाजापुर, टीकमगढ़, रतलाम, डबरा और खरगोन समेत कई जिलों में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन, रैली और नारेबाजी की। कुछ जगह चक्का जाम और पुलिस से धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। देर रात तक अधिकांश जिलों में प्रदर्शन समाप्त हो गए, जबकि विधानसभा में रात करीब 11.30 बजे कांग्रेस विधायकों ने धरना समाप्त किया।
एनएसयूआई ने जलाए पुतले
वहीं भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने भी दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर बेरहमी से लाठीचार्ज एवं कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में केंद्र सरकार के पुतले फूंके। राजधानी सहित प्रदेश भर में इस तरह के प्रदर्शन हुए। प्रदर्शन में एआईसीसी समन्वयक डॉ. अंशुल त्रिवेदी, प्रदेशाध्यक्ष आशुतोष चौकसे, दिल्ली विवि छात्रसंघ अध्यक्ष राहुल झांसला, प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार, अक्षय तोमर आदि शामिल रहे।
विधायकों ने सीएम सचिवालय का गेट नहीं छोड़ा
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक एकजुट होकर विधानसभा में मुख्यमंत्री के कक्ष के सामने ही धरने पर बैठ गए। रात गहराते ही कांग्रेस विधायक वहीं जमीन पर लेट गए और अपना प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय प्रदर्शन कर रहे विधायकों के बीच पहुंचे, लेकिन कांग्रेस विधायकों ने सीएम सचिवालय का गेट नहीं छोड़ा। बातचीत के दौरान ही दिल्ली के प्रदर्शनकारी छात्रों को कॉकरोच कहने पर गहमागहमी होने लगी। इससे कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका और सारे विधायक मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने ही लेटे रहे। राहुल, प्रियंका सहित कांग्रेस के सभी सांसदों को गिरफ्तार करने पर इसी तरह के प्रदर्शन कांग्रेस हर जिले में कर रही है। सभी जिला कांग्रेस कमेटियों के बैनर तले कलेक्टोरेट व प्रमुख स्थानों पर कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए हैं। पटवारी ने कांग्रेस सांसदों की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा कि जब तक कांग्रेस नेताओं की रिहाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, हमारा धरना जारी रहेगा। प्रदेश भर में ब्लॉक स्तर तक धरने चल रहे हैं।