पीएम मोदी का वीडियो कुछ समय के लिए ब्लॉक करने पर मेटा ने केंद्र से माफ़ी मांगी, कहा- ग़लती से हटा

सोशल मीडिया मंच फेसबुक द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो कुछ समय के लिए ब्लॉक करने के मामले में मेटा ने माफी मांगी है. अमेरिकी टेक कंपनी ने इसे तकनीकी गलती बताया है. हालांकि, सरकार इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिख रही है और बताया जा रहा है कि यह मामला अभी सुलझा नहीं है, इस पर और गहन चर्चा की ज़रूरत है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक फेसबुक वीडियो को कुछ समय के लिए हटाए जाने से संबंधित मामले में मेटा ने केंद्र सरकार से माफ़ी मांगी है. कंपनी का कहना है कि यह वीडियो किसी नीति उल्लंघन की वजह से नहीं, बल्कि एक तकनीकी गड़बड़ी के कारण गलती से हट गया था.

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि जैसे ही गड़बड़ी का पता चला, वीडियो को दोबारा प्लेटफॉर्म पर बहाल कर दिया गया है.

हालांकि, समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि केंद्र सरकार मेटा के इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है. और इसे अनुचित बताते हुए सरकार ने इस पर गहन चर्चा की ज़रूरत बताई गई है. साथ ही कहा है कि यह मामला अभी सुलझा नहीं है.

इससे पहले एक विचित्र घटनाक्रम में छात्रों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का संदेश– जिसमें पेपर लीक रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का वादा किया गया था, फेसबुक पर कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया गया था. साथ ही यह संदेश भी दिखाई दे रहा था कि ‘कानूनी अनुरोध के कारण आपके क्षेत्र में संलग्न मीडिया उपलब्ध नहीं है.’

इस संबंध में मेटा के एक प्रवक्ता ने मंगलवार (28 जुलाई) को एक बयान में कहा, ‘कंटेंट गलती से हटा दिया गया था और अब उसे बहाल कर दिया गया है.’

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, प्रधानमंत्री का वीडियो ब्लॉक किए जाने के मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा और इंस्टाग्राम के ग्लोबल प्रमुखों को तलब किया था.

उल्लेखनीय है कि यह घटनाक्रम ऐसी खबरों के बीच सामने आया है, जब दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया मंच से प्रधानमंत्री को निशाना बनाने वाले पोस्ट और वीडियो हटाने के लिए कहा है.

मामले की पृष्ठभूमि

मालूम हो कि 23 जुलाई को पोस्ट किए गए वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा था कि ‘पेपर लीक कोई मामूली बात नहीं है’ और उनकी सरकार ने पिछले दो महीनों में पेपर लीक को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं.

पीएम मोदी ने उस वीडियो में कहा था, ‘मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई मामूली बात नहीं है. लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए यह पीड़ादायक है. इसलिए इस घटना के बाद सरकार ने कई कदम उठाए हैं. गुनाहगारों को पकड़ा है और आज वे जेल में हैं.’

उल्लेखनीय है कि लगभग आधी रात को जारी किया गया पीएम मोदी का यह वीडियो, उनके दिन में दिए गए छात्रों के आंदोलन के उस पहले बयान के बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने देश के युवाओं के हित और उनके भविष्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पेपर लीक के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही थी.

इस संदेश के एक दिन बाद प्रधानमंत्री ने एक और वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने अपने मैसेज पर ‘प्रतिक्रिया’ देने के लिए जेन-ज़ी का शुक्रिया अदा किया था. प्रधानमंत्री का यह दूसरा वीडियो तब सामने आया था, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ़ विरोध करने वाले बहुत से लोगों ने पीएम मोदी के पहले वीडियो को सिर्फ़ दिखावा बताकर खारिज कर दिया था.

पीएम मोदी ने अपने दूसरे वीडियो में कहा था, ‘दोस्तों, आपका शुक्रिया! कल देर रात मुझे आपसे मिलने का मौका मिला. कल रात मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, उस पर आपने जिस तरह से रिस्पॉन्स दिया और अच्छे सुझाव दिए—उसके लिए सभी का धन्यवाद. आपका प्यार बना रहेगा. हमारा रिश्ता और मज़बूत होता रहेगा. धन्यवाद, दोस्तों, धन्यवाद.’