मध्य प्रदेश के जबलपुर ज़िले के बरगी बांध में गुरुवार (30 अप्रैल) शाम एक पर्यटक क्रूज़ पलटने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई है. कई अन्य लोग अभी भी लापता हैं, जिन्हें ढूंढने के लिए बचाव अभियान जारी है. इस बीच क्रूज़ डूबने को लेकर लोगों ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं.

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध में गुरुवार (30 अप्रैल) शाम एक पर्यटक क्रूज़ के पलटने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य लापता हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि जबलपुर में अचानक आई आंधी के कारण एक क्रूज बृहस्पतिवार शाम बरगी बांध में पलट गया था. इस क्रूज में 29 यात्री और चालक दल के दो सदस्य सवार थे.
इस संबंध में जबलपुर रेंज के डीआईजी अतुल सिंह ने बताया, ‘घटना के बाद कल शाम चार शव बरामद किए गए थे. रात में और फिर आज जब सेना की टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरी अभियान चलाया, तो मलबे के अंदर से पांच और शव बरामद किए गए. कुछ शवों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका है, लेकिन कम दृश्यता के कारण सही संख्या स्पष्ट नहीं है. बचाव दल गोताखोरी अभियान जारी रखते हुए अपना प्रयास कर रहे हैं.’
वहीं, मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने समाचार एजेंसी से कहा कि कुछ पर्यटक अब भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए अभियान तेजी से चलाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद मामले की जांच कराई जाएगी और इस हादसे के लिए दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना के संबंध में प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि लापता यात्रियों की तलाश और बचाव अभियान रात भर जारी रहा, जिसमें सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें भी शामिल रहीं.
उन्होंने आगे कहा कि पलटे हुई क्रूज को पानी से बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक क्रेनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज हवाओं के कारण पानी में लहरें उठ रही थीं, जिससे कई यात्रियों ने शोर मचाकर चालक दल से नाव को किनारे पर वापस लाने का अनुरोध किया, लेकिन चालक दल उनकी आवाज़ नहीं सुन पाया और यह हादसा हो गया.
कुछ स्थानीय लोगों ने रस्सियों की मदद से लाइफ जैकेट पहने कुछ यात्रियों को बचा लिया.
लापरवाही के आरोप
इस दुर्घटना को लेकर बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि जिस क्रूज़ के साथ यह हादसा हुआ वह मध्य प्रदेश पर्यटन का करीब 20 साल पुराना क्रूज़ था और इस पर उस समय लगभग 35 पर्यटक और दो क्रू मेंबर सवार थे.
क्रूज़ से बचाकर निकाली गईं संगीता कोरी ने बीबीसी से कहा कि उनके परिवार के छह लोग दिल्ली से जबलपुर घूमने आए थे. क्रूज़ में घूमने का प्लान अचानक ही बना था. शाम करीब छह बजे क्रूज़ वापस लौट रहा था, तभी अचानक तेज आंधी आई और पानी भरने लगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं थे.
संगीता के मुताबिक, ‘किसी भी पैसेंजर को क्रूज़ में चढ़ने से लेकर बांध में चलने तक किसी ने भी लाइफ़ जैकेट नहीं दी थी. जब पानी तेजी से भरने लगा, तब जल्दबाजी में जैकेट दी गईं, जिससे छीना झपटी मच गई.’
उन्होंने आगे कहा, ‘यह बहुत बड़ी लापरवाही है. यहां सिर्फ कमाई का जरिया बना रखा है. कोई सुरक्षा नहीं है, आखिर जिन लोगों को बांध में लेकर जा रहे हैं, उनकी जान सुरक्षित रहे इसकी जिम्मेदारी तो होनी चाहिए.’
उन्होंने बताया कि क्रूज़ पर लोगों की संख्या को लेकर भी स्पष्टता नहीं थी. करीब 30 वयस्क लोगों के टिकट कटे थे, लेकिन बच्चों के टिकट नहीं थे. कुल मिलाकर 40-45 लोग रहे होंगे, जिनमें करीब 12 बच्चे थे.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने क्रूज़ पायलट को दिशा बदलने के लिए आवाज़ दी थी, लेकिन क्रूज़ चलाने वाले व्यक्ति ने ध्यान नहीं दिया.
सीएम ने सहायता राशि का ऐलान किया
इस हादसे को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दुख व्यक्त किया है.
उन्होंने कहा, ‘आज जबलपुर में तेज आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में हुए दुखद क्रूज हादसे को लेकर स्थानीय प्रशासन एवं रेस्क्यू फोर्स का ऑपरेशन लगातार जारी है. लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं. त्वरित बचाव कार्य से 15 नागरिकों को सकुशल बचा लिया गया है. जो लापता हैं, उन्हें जल्द से जल्द ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है. संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूर्ण संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है.’
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने का निर्देश दिया है.
गौरतलब है कि ख़बर लिखे जाने तक सेना, एसडीआरएफऔर एनडीआरएफ की टीमें मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं. डूबे हुए क्रूज़ को रस्सियों और जेसीबी की मदद से बाहर निकालने की भी कोशिश की जा रही है.
प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा.