दिल्ली सरकार ने सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में एक बेहतर

कदम उठाते हुए 23 नई महत्वपूर्ण सेवाओं के डिलिवरी के लिए समय तय कर दिए हैं। अब सरकारी दफ्तरों में बाबू फाइल दबाकर महीने-दो महीने नहीं रख पाएंगे। उनको तय समय में काम करके देना होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले की घोषणा करते हुए साफ किया कि अब नागरिकों और कारोबारियों को लाइसेंस, एनओसी और अन्य सरकारी अनुमतियों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस पहल का सीधा उद्देश्य सरकारी तंत्र में जवाबदेही तय करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कदम पीएम मोदी के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के विजन को दिल्ली में धरातल पर उतारने की एक प्रभावी कोशिश है। अब श्रम विभाग के तहत दुकान एवं स्थापना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण केवल एक दिन में पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, फैक्टरी योजना की स्वीकृति के लिए केवल 15 दिनों की समय सीमा तय की गई है। व्यापारियों के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग में तौल-माप उपकरणों के पंजीकरण का कार्य अब अधिकतम 45 दिनों में करना अनिवार्य होगा।