बेंगलुरु: मदापट्टना गांव की पत्थर खदान में चट्टान गिरने से कम से कम सात श्रमिकों की मौत

बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित मदापट्टना गांव में एक पत्थर खदान में अचानक चट्टान गिरने से सात श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मलबे के नीचे और भी कई श्रमिकों के दबे होने की आशंका है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

नई दिल्ली: बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित मदापट्टना गांव की एक पत्थर खदान में पत्थर के टुकड़े लोड कर रहे एक ट्रैक्टर पर चट्टान गिरने से कम से कम सात श्रमिकों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल बताए जा रहे हैं.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना बेंगलुरु दक्षिण तालुक स्थित खदान में सुबह करीब 7.30 बजे घटित हुई, जब मज़दूर रोज़ाना की तरह पत्थर तोड़ने का काम कर रहे थे.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे और भी कई श्रमिकों के दबे होने की आशंका है और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

पुलिस के मुताबिक, साइट पर करीब 20 मज़दूर काम कर रहे थे- जिनमें से ज़्यादातर बिहार और कर्नाटक के यादगीर ज़िले से आए प्रवासी मज़दूर थे- तभी अचानक एक विशाल चट्टान खिसक गई और 40 फीट से ज़्यादा ऊंचाई से उन पर आ गिरी.

तमिलनाडु से इस खदान में काम करने आए गोपी, जो इस हादसे में बाल-बाल बच गए, ने बताया कि कुछ लोग चट्टान के ऊपरी हिस्से पर काम कर रहे थे. वे चट्टान को हटाने की कोशिश कर रहे थे, तभी वह टूटकर नीचे आ गई.

उन्होंने मीडिया से कहा, ‘अगर उन्होंने हमें पहले ही बता दिया होता, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी.’

इस दुर्घटना में सात श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायल हुए पांच अन्य लोगों को इलाज के लिए राजराजेश्वरी अस्पताल ले जाया गया है. बचाव दलों ने शवों को निकालने और मलबे के नीचे दबे होने की आशंका वाले अन्य लोगों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया है.

पुलिस ने बताया कि कई श्रमिक अभी भी लापता हैं, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

बताया जा रहा है कि यह खदान आनंदस्वामी नाम के व्यक्ति की है और मरने वाले दिहाड़ी मज़दूर यहां एक साल से ज़्यादा समय से वहां काम कर रहे थे. ये सभी लोग खदान के पास बने अस्थायी घरों में रह रहे थे.

खदान के ढहने की असली वजह का पता लगाने के लिए पुलिस ने खदान के मालिक को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है.

पत्थर की खदानों में जोखिम

गौरतलब है कि बीते महीने जून की शुरुआत में अवलाहल्ली पुलिस ने बेंगलुरु के बाहरी इलाके येरापनाहल्ली गांव में ग्रेनाइट की खदान में बिना उचित अनुमति के विस्फोटक सामान रखने और इस्तेमाल करने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

इस संबंध में हेड कॉन्स्टेबल शिवु एम., जो दूसरे पुलिसकर्मियों के साथ रात की स्पेशल पेट्रोलिंग ड्यूटी पर थे, की शिकायत के अनुसार 4 जून को पुलिस को स्थानीय लोगों से पक्की जानकारी मिली थी कि वेंकटेश्वर ग्रेनाइट खदान में ब्लास्टिंग के काम के लिए गैर-कानूनी तरीके से विस्फोटक रखे और इस्तेमाल किए जा रहे थे.

पुलिस ने जिन लोगों पर मामला दर्ज किया, उनमें वेंकटेश्वर ग्रेनाइट खदान के मालिक भी शामिल थे. उन पर विस्फोटक अधिनियम की धारा 9B(1)(b), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5 और विस्फोटक नियम के नियम 7 के तहत मामला दर्ज किया गया था.