कलेक्टर के आदेश भी बेअसर: चुरहट अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं से मरीज बेहाल:सीधी.
मंगल भारत/सीधी/
50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सफाई, पेयजल, ऑक्सीजन, ईसीजी और जांच सुविधाओं का अभाव; तीन माह बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
चुरहट। 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रही हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को बुनियादी सुविधाओं तक के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि 29 मार्च 2026 को कलेक्टर द्वारा अस्पताल का निरीक्षण कर कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
अस्पताल परिसर में चारों ओर गंदगी फैली हुई है। नियमित सफाई नहीं होने से दुर्गंध का माहौल बना रहता है, जबकि शौचालय बदहाल होने के कारण उपयोग लायक नहीं हैं। पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को बाहर से पानी लाना पड़ता है।
अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर बढ़ते अतिक्रमण और परिसर में असामाजिक तत्वों व नशेड़ियों के जमावड़े से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। महिलाओं और मरीजों के परिजनों में असुरक्षा की भावना बनी रहती है।
स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन सिलेंडरों की कमी, ईसीजी मशीन का अभाव और पैथोलॉजी जांच नियमित रूप से नहीं होने से मरीजों को निजी अस्पतालों और लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। आरोप है कि अस्पताल में पदस्थ लैब टेक्नीशियन सरकारी अस्पताल के बजाय निजी लैब में सेवाएं दे रहे हैं।
ओपीडी में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति से दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वहीं जिन आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति कलेक्टर द्वारा निरस्त की जा चुकी है, उनके अब भी अस्पताल में कार्यरत रहने के आरोप लगाए जा रहे हैं। बिजली कटौती के दौरान अस्पताल में उपलब्ध डीजी जनरेटर का उपयोग नहीं होने से मरीजों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुछ चिकित्सकों के नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं तो किसी भी दिन गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन से अस्पताल की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांगें
अस्पताल की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
ऑक्सीजन, ईसीजी मशीन और अन्य आवश्यक उपकरण तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।
नियमित सफाई एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
अनुपस्थित चिकित्सकों और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई हो।
अस्पताल परिसर से अतिक्रमण और नशेड़ियों का जमावड़ा हटाया जाए।
सभी जांच और दवाओं की सुविधा सरकारी अस्पताल में ही उपलब्ध कराई जाए।
इनका कहना है
“सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट में व्याप्त अव्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए मैं स्वयं वहां जाऊंगा। अभी मैं बाहर हूं। लौटने के बाद अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
— डॉ. अशोक खरे, सीएमएचओ, सीधी