फोटोयुक्त मतदाता सूची का हो रहा पुनरीक्षण

मप्र में 2027 में होने वाले नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों की फोटो युक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। एक जनवरी 2026 को संदर्भ तारीख मानकर यह पुनरीक्षण किया जाएगा। यह इस बात का संकेत है कि राज्य निर्वाचन आयोग इन चुनावों के लिए परिसीमन नहीं कराएगा। यानी आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव पुराने परिसीमन (वर्ष 2022) पर ही होंगे। मप्र राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति तथा जिला स्तरीय प्रशिक्षण 27 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। फोटो युक्त प्रारूप मतदाता सूची का विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 15 मई को किया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची पर आम नागरिकों के दावे और आपत्तियां 25 मई तक स्वीकार की जाएंगी। प्राप्त सभी दावों-आपत्तियों का निराकरण 30 मई तक कर दिया जाएगा। अंत में, फोटो युक्त अंतिम मतदाता सूची का विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 18 जून को होगा। यह पुनरीक्षण कार्यक्रम मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध रखने के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें नए मतदाताओं का नाम जुडऩा, पुराने नाम हटना, नाम, पते, फोटो में सुधार जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
परिसीमन इसलिए जरूरी, यह होता असर: राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि पंचायतों और नगरीय निकायों में हर पांच वर्ष में चुनाव होना अनिवार्य है। राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कराने से पहले परिसीमन पूरा करना होता है, ताकि प्रत्येक इकाई संविधान द्वारा निर्धारित मानकों, जैसे-आबादी, मतदान अधिकार आदि को पूरा करे। साथ ही ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। नए परिसीमन के बाद कई वार्डों की संख्या, आकार और सीमाएं बदल सकती थीं। आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में उम्मीदवारों की स्थिति, मतदाता सूची और राजनीतिक समीकरणों पर भी इसका असर पड़ता।
18 जून को अंतिम प्रकाशन
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की फोटोयुक्त मतदाता सूची का वार्षिक पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी कर दिया है। एक जनवरी, 2026 की संदर्भ तारीख के आधार पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण होगा। फोटो युक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 18 जून को किया जाएगा। आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि आयोग ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। रजिस्ट्रीकरण, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की नियुक्ति और जिला स्तरीय प्रशिक्षण 27 अप्रैल तक किया जाएगा। फोटो युक्त प्रारूप मतदाता सूची का विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 15 मई को किया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियां 25 मई तक ली जाएंगी। प्राप्त दावे आपत्तियों का निराकरण 30 मई तक किया जाएगा। फोटो युक्त अंतिम मतदाता सूची का विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 18 जून, 2026 को किया जाएगा।
पंचायत चुनाव के कारण प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज
प्रदेश में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जून, 2027 में प्रस्तावित हैं। मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक प्रदेश में नगरीय निकास और पंचायत चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर कराए जाएंगे। इसकी वजह यह है कि देश में जनगणना के चलते गत 31 दिसंबर की मध्यरात्रि से प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज कर दी गई हैं। अब जनगणना पूरी होने तक नए जिले, तहसील का गठन और किसी तरह का सीमा परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में घरों की लिस्टिंग और आवास गणना अप्रैल से सितंबर, के बीच होगी। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना फरवरी, 2027 में की जाएगी।
नए आयोग का गठन ठंडे बस्ते में
राज्य निर्वाचन आयोग ने अगले साल होने वाले चुनाव से पहले नगरीय निकायों और पंचायतों की सीमाओं का नए सिरे से परिसीमन करने का निर्णय लिया था। राज्य निर्वाचन आयोग ने जुलाई, 2025 में राज्य शासन को एक प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में नगरीय निकायों एवं पंचायतों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण के लिए नए परिसीमन आयोग के गठन की सिफारिश की गई थी। राज्य निर्वाचन आयोग को उम्मीद थी कि सरकार जल्द आयोग का गठन कर देगी, जिससे प्रशासनिक इकाइयां फ्रीज होने से पूर्व नगरीय निकायों और पंचायतों के परिसीमन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सरकार को प्रस्ताव भेजने के नौ महीने बीतने के बाद भी परिसीमन आयोग के गठन के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। नए परिसीमन आयोग के गठन संबंधी प्रस्ताव मंत्रालय में धूल खा रही है। इस बीच गत 31 दिसंबर की मध्य रात्रि से प्रशासनिक इकाइयां फ्रीज हो चुकी हैं, इस कारण जनगणना का कार्य पूरा होने तक नगरीय निकायों और पंचायतों के परिसीमन का कार्य नहीं किया जा सकेगा। बता दें कि इससे पूर्व प्रदेश में जुलाई-अगस्त, 2022 में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव कराए गए थे।