शर्मनाम! देश में हर 10 में से एक छात्र छोड़ रहा स्कूल, रिपोर्ट में खुलासा

नीति आयोग की मई-2026 की रिपोर्ट, जिसका शीर्षक भारत में

स्कूली शिक्षा प्रणाली ने शिक्षा के माध्यमिक स्तर पर स्कूल छोडऩे की दर में भारी बढ़ोतरी का खुलासा किया है। यह रिपोर्ट स्कूली शिक्षा में उच्च चरणों में आने वाली बड़ी बाधाओं पर भी रोशनी डालती है। रिपोर्ट के अनुसार, स्कूली शिक्षा के सभी चरणों में माध्यमिक शिक्षा में ही स्कूल छोडऩे की दर सबसे ज्यादा बनी हुई है। हाल के सुधारों के बावजूद, इस स्तर पर हर दस में एक छात्र अभी भी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देता है। आंकड़ों के अनुसार, माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दरों में पिछले दशक में स्पष्ट, हालांकि असमान, सुधार देखा गया है। मध्य में चरम पर पहुंचने के बाद, दरें धीरे-धीरे कम हुई हैं, और राष्ट्रीय औसत 2024-25 में घटकर 11.5 प्रतिशत हो गया है। कई अन्य राज्यों में भी चिंताजनक स्तर दर्ज किए गए हैं, जिनमें गुजरात में 16.9 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 16.8 प्रतिशत और लद्दाख में 16.2 प्रतिशत शामिल हैं। इसी प्रकार, बिहार में 25.3 से 6.9, राजस्थान में 18.8 से 7.7 और केरल में 14.5 से 4.8 फीसदी में गिरावट देखी गई है। अध्ययन में 2024-25 के लिए माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉपआउट दरों का खुलासा हुआ है, जो बेहद चिंताजनक है। हालांकि चंडीगढ़ 2 फीसदी, झारखंड 3.5, लक्षद्वीप 4.1, उत्तराखंड 4.6 और केरल 4.8 फीसदी ने ड्रॉपआउट दर को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन अधिकांश राज्यों में यह दर कहीं अधिक है।