रीवा-ललितपुर रेलवे लाइन पर बने अंडरपास बारिश के मौसम में आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं.सीधी.

मंगल भारत:सीधी:रीवा-ललितपुर रेलवे लाइन पर बने अंडरपास बारिश के मौसम में आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं.

मानसून की शुरुआत से पहले ही मामूली आवक में भी ये अंडरपास जलमग्न हो रहे हैं, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है।
जलभराव से थमी रफ्तार
यातायात ठप: अंडरपास में 4 से 5 फीट तक पानी भरने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद है.
गांवों का संपर्क टूटा : चुरहट और आसपास के अंचलों के दर्जनों ग्रामीण क्षेत्र मुख्य जिला मुख्यालय से कट गए हैं।
पैदल निकलना मुश्किल: पानी के साथ कीचड़ और मलबा जमा होने से राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो चुका है।
स्कूली बच्चों और मरीजों पर संकट
स्कूल बसें फंसी: जलभराव के कारण स्कूली वाहन अंडरपास पार नहीं कर पाएंगे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी.
आपातकालीन सेवाएं प्रभावित: एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन गाड़ियां पानी भरे होने के कारण लंबे चक्कर काटने को मजबूर हैं।
हादसों का डर: पानी की गहराई का अंदाजा न मिलने से कई दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
रेलवे प्रशासन की लापरवाही उजागर
घटिया ड्रेनेज सिस्टम: अंडरपास बनाते समय पानी निकासी का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया।
पंपिंग सेट नदारद: पानी निकालने के लिए रेलवे या स्थानीय प्रशासन द्वारा पंपों की व्यवस्था नहीं की गई है।
ग्रामीणों में आक्रोश: स्थानीय निवासियों का कहना है कि रेलवे ने उनकी सुविधा के लिए अंडरपास बनाए थे, जो अब सबसे बड़ा सरदर्द बन चुके हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की स्थाई व्यवस्था नहीं की गई, तो वे रेलवे प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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