सेमरी बांध नहर के प्रभावित 6 गांवों के एक हजार किसानों को

अब दो गुना मुआवजा मिलेगा। हाईकोर्ट जबलपुर ने किसानों को मुआवजा 1894 के कानून के बजाय 2013 के नवीन कानून के हिसाब से 90 दिन में देने का आदेश दिया है। यह फैसला प्रदेशभर में भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा निर्धारण की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। दरअसल एक दशक पूर्व रायसेन जिले की बेगमगंज तहसील की सेमरी जलाशय परियोजना निर्माण के दौरान नहरों के लिए आनन फानन में जलसंसाधन विभाग द्वारा भूमि अधिग्रहित की गई थी। इसके मुआवजा के लिए किसानों की ओर से वकील रोहतास पटेल ने हाईकोर्ट में याचिका पेश की थी। यह है 1894 के कानून में भूमि मूल्य में सिर्फ 30 प्रतिशत जोडक़र 130 प्रतिशत मुआवजा था, जबकि नवीन कानून में 100त्न मुआवजा जोडऩे के बाद कुल मुआवजा 200 प्रतिशत होगा।