नई दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सीजेपी के नेतृत्व में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज में कई लोगों के घायल होने की ख़बरें सामने आ रही हैं. वहीं, सीजेपी ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़े और आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा देने की मांग की है.
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज में कई लोगों के घायल होने की खबरें सामने आ रही हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि के बाल खींचे और उनके साथ मारपीट की.
उनका यह भी दावा है कि 12 वर्षीय एक बच्ची के सिर में गंभीर चोट लगी है, जबकि 40 से 50 अन्य प्रदर्शनकारियों के सिर भी फूट गए हैं.
वहीं, समाजवादी पार्टी का दावा है कि डिंपल यादव और पार्टी के अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया गया है.
सीजेपी का दावा: जेपी नड्डा से दो घंटे इंतजार के बाद हुई मुलाकात
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर बताया कि वह और पार्टी के दूसरे प्रवक्ता आशुतोष रांका भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने के लिए उनके आवास पर दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार करते रहे. इसके बाद नड्डा ने उनसे करीब 10 मिनट तक मुलाकात की.
दास ने लिखा, ‘हमने उन्हें अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे पर आंतरिक स्तर पर बात करेंगे. फिलहाल यही प्रक्रिया चल रही है. इस बीच बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी आ रही हैं.’
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि वह और सौरव दास अब भी जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद हैं.
उन्होंने एक्स पर लिखा कि जेपी नड्डा ने उनसे कुछ समय मांगा है ताकि वह उनकी निम्नलिखित मांगों पर पार्टी नेतृत्व से चर्चा कर सकें:
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
नीट की तैयारी कर रहे आत्महत्या करने वाले सभी अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा.
रांका ने सरकार के साथ बातचीत की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि नई दिल्ली के डीसीपी ने बातचीत का माध्यम स्थापित करने के लिए संगठन से केवल कल देर रात संपर्क किया था.
उनके अनुसार, आज सुबह 6 बजे से ही गंभीर स्तर पर बातचीत शुरू हुई, जबकि करीब 11:45 बजे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात पर सहमति बनी.
संगठन ने दिल्ली पुलिस से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग तुरंत बंद करने की भी मांग की.
ग्राउंड रिपोर्ट: पत्रकारों को रिकॉर्डिंग से रोका गया, एक व्यक्ति को पीटा
द वायर के संवाददाता विपुल कुमार ने मौके से बताया कि संसद से करीब 100 से 150 मीटर दूर पीटीआई भवन के बाहर एक व्यक्ति को पुलिस की बस से बाहर खींचकर एक पुलिस अधिकारी ने बुरी तरह पीटा.
उनके मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों और अन्य लोगों को घटना की रिकॉर्डिंग करने से रोकने की भी कोशिश की.
विपुल कुमार ने बताया कि पीटीआई भवन के बाहर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर हिरासत में ले लिया. उन्होंने कहा कि कई प्रदर्शनकारियों को घसीटा गया और उनके साथ कड़ा व्यवहार किया गया. इस दौरान एक बार फिर लाठीचार्ज किया गया. साथ ही मौके पर सुरक्षा बलों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है.
उन्होंने आगे बताया कि ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल करीब 800 से 1,000 प्रदर्शनकारी संसद के काफी करीब तक पहुंचने में सफल रहे. हालांकि, सुरक्षा बलों ने उन पर बार-बार लाठीचार्ज किया और उन्हें पीछे धकेला.
मौके पर मौजूद संवाददाताओं के अनुसार, संसद परिसर के पास सुरक्षा बलों ने अपनी तैनाती और कड़ी कर दी है.
संसद क्षेत्र से प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलकर पटेल चौक तक पहुंचा दिया गया है, जहां अब वे बड़ी संख्या में धरने पर बैठे हुए हैं.
द वायर के संवाददाताओं के अनुसार, जंतर-मंतर पर भारी बैरिकेडिंग और पुलिस की बड़ी तैनाती के बावजूद करीब एक लाख लोग बैरिकेड के बाहर इकट्ठा हो चुके हैं और संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे हैं.
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी ‘रिस्टोर स्टेटहुड’ (राज्य का दर्जा बहाल करो) लिखी जैकेट पहनकर सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुए.
