विश्व बाघ दिवस पर लीला इंटरनेशनल स्कूल में पौधरोपण एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प.सीधी.

विश्व बाघ दिवस पर लीला इंटरनेशनल स्कूल में पौधरोपण एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प.

मंगल भारत/मड़वास (सीधी)। विश्व बाघ दिवस 2026 के अवसर पर लीला इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मड़वास में वन विभाग एवं विद्यालय परिवार के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण को समर्पित पौधरोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मड़वास बफर जोन के रेंजर श्री रवि पाण्डेय, भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. यू.के. श्रीवास्तव, वन विभाग का अमला, विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि रेंजर श्री रवि पाण्डेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति और वन्यजीवों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों को ग्लोबल वार्मिंग, वनों की अंधाधुंध कटाई (Deforestation), जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन तथा पर्यावरण संरक्षण के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे तो वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे और पर्यावरण का संतुलन भी बना रहेगा.

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रेंजर श्री रवि पाण्डेय से रूबरू होकर अनेक प्रश्न पूछे। बच्चों ने ग्लोबल वार्मिंग के कारण, जंगलों के महत्व, बाघों के संरक्षण और पर्यावरण बचाने के उपायों को लेकर अपनी जिज्ञासाएं रखीं। रेंजर श्री पाण्डेय ने सरल भाषा में सभी प्रश्नों के उत्तर देते हुए बच्चों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. यू.के. श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पौधरोपण तभी सफल माना जाएगा जब लगाए गए पौधे बड़े होकर वृक्ष बनें। उन्होंने बच्चों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
विद्यालय द्वारा इस अवसर पर एक सराहनीय पहल की गई। कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों के चार-चार बच्चों के समूह बनाए गए हैं, जिन्हें एक-एक पौधे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समूह कक्षा 12वीं तक उसी पौधे की नियमित देखरेख करेगा, उसकी सिंचाई, सुरक्षा एवं विकास पर विशेष ध्यान देगा। इस अभिनव पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में पौधों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यवहारिक रूप से जोड़ना है।
विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि इस पहल से बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम, अनुशासन, जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित होगी। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण देने के लिए आज से ही वृक्षारोपण और वनों का संरक्षण आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने “एक छात्र–एक पौधा, एक समूह–एक जिम्मेदारी” का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। पूरे आयोजन ने विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने, पर्यावरण के प्रति सजग बनाने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी।