लोकसभा में राहुल गांधी बोले- गृह मंत्री ने विद्यार्थियों पर गोली चलाने का आदेश दिया

बुधवार को लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनि मत से पास हो गया. इससे पहले बिल पर बहस के दौरान लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने छात्रों पर गोली चलाने के आदेश दिए थे. इस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई, जिसके जवाब में गांधी ने जोड़ा कि ‘बलप्रयोग की मंज़ूरी सिर्फ़ गृह मंत्री या प्रधानमंत्री ही दे सकते हैं.’

संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में बुधवार (29 जुलाई) को पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पास हो गया. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ध्वनि मत के आधार पर बिल को पास कर दिया. इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

इससे पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लोकसभा में भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों द्वारा बार-बार हंगामा देखने को मिला.

लोकसभा में अपने भाषण की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं बहुत उत्साहित था, ये देखकर कि हमारे देश के भविष्य ने सड़कों पर क्या किया. यह गुस्सा नहीं था, हिंसा नहीं थी, नफ़रत नहीं थी. यह इस देश के युवाओं की, इस देश की आने वाली पीढ़ी की गहरी अभिव्यक्ति थी और मुझे लगता है कि सभी राजनीतिक पार्टियों को इस अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए, जिसमें भाजपा में मेरे दोस्त भी शामिल हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे पूरा यक़ीन है कि अगर भाजपा में मेरे दोस्त जाकर अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन जो कर रहे हैं, उसके बारे में उन्हें क्या लगता है, तो उन्हें अपने बच्चों में भी सहमति मिलेगी. जो हुआ है उसमें कुछ भी गलत नहीं है और हर भारतीय को गर्व होना चाहिए.’

राहुल गांधी ने कहा कि ‘मैंने सोचा में अगली पीढ़ी के लिए ये भाषण देने जा रहा हूं, तो मेरे भाषण की शुरुआत कहां से होनी चाहिए. मुझे लगा कि एक अच्छा शुरुआती बिंदू युवा छात्रों के साथ मेरी बातचीत का हिस्सा होना चाहिए.’

अपने भाषण को शुरू करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘कुछ युवा लड़कियों से मेरी बात हुई. मैंने उनसे पूछा कि आप छात्र हैं इसका क्या मतलब है. उस लड़की ने बहुत ख़ूबसूरत जवाब दिया. उसने कहा, स्टूडेंट वो है जिसका दिल और दिमाग खुला है. स्टूडेंंट जानते हैं कि उन्हें और जानना है और ब्रह्मांड लगातार बदल रहा है. इसलिए वो मानते हैं कि ज्ञान भी लगातार बदलता रहता है.’

राहुल गांधी के अनुसार, ‘छात्रा ने कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो स्टूडेंट नहीं होते, वे पूरी तरह मानते हैं कि उन्हें सब कुछ पता है और ज्ञान उनके अंदर से आता है. वो खुद को भगवान मानते हैं. वे अहंकारी हैं और किसी की नहीं सुनते. वे दूसरे के सच का सम्मान नहीं करते.’

उन्होंने आगे कहा कि जब ‘मैंने पूछा कि ये किस किस्म के लोग हैं, तो उस लड़की ने कहा कि मैं उन्हें इडियट कहती हूं.’

इसके बाद सदन में भारी हंगामा होने लगा और सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों ने इसे आपत्तिजनक कहा.

इसके बाद भी राहुल गांधी ने अपनी बात जारी रखी और कहा, ‘तीन तरह की कैटेगरी है- स्टूडेंट्स, इडियट और अंधभक्त.’

भारी हंगामे के बीच जब राहुल गांधी ने कहा कि अब वो भाषण नहीं देंगे और बैठ गए तो संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने आग्रह किया कि वे वह शब्द न इस्तेमाल करें और अपना भाषण जारी रखें.

वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष से इस शब्द को संसदीय कार्यवाही से हटाने के लिए कहा.

इससे पहले, जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं बहुत उत्साहित था. देश के भविष्य ने हमारी सड़कों पर जो दिखाया, उससे मुझे भरोसा मिला. यह गुस्सा नहीं था, हिंसा नहीं थी, नफ़रत नहीं थी.’

‘यह इस देश के युवाओं, इस देश की आने वाली पीढ़ी की गहरी अभिव्यक्ति थी. मेरा मानना है कि सभी राजनीतिक दलों को इस अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए, जिसमें भाजपा में मेरे मित्र भी शामिल हैं.’

‘मुझे पूरा भरोसा है कि अगर भाजपा में मेरे मित्र अपने बच्चों से पूछें कि उन्होंने अपने भाइयों और बहनों को जो करते देखा, उसके बारे में उनकी क्या भावना है, तो उन्हें अपने ही बच्चों के बीच सहमति मिलेगी. जो हुआ उसमें कुछ भी ग़लत नहीं है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए.’

अपने इस भाषण के दौरान ही राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने के आदेश दिए थे. इस बयान की भाजपा नेताओं ने निंदा करते हुए इसे भ्रामक बताया है.

राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘गृह मंत्री अमित शाह ने स्टूडेंट्स पर गोली चलाने का आदेश दिया था.’

उन्होंने कहा, ‘मैं आज यह देखकर बहुत ख़ुश हूं देश के तथाकथित गृह मंत्री में हिम्मत नहीं हैं. गृह मंत्री के अंदर इतनी हिम्मत नहीं है कि वो सदन में आकर बैठें. मैंने देखा कि 30 कारों के काफ़िले में गृह मंत्री कांपते हुए बैठे हुए थे.’

राहुल के अनुसार, ‘गृह मंत्री आज यहां क्यों नहीं है? गृह मंत्री यहां इसलिए नहीं हैं क्योंकि वो डरे हुए हैं. गृह मंत्री ने स्टूडेंट्स पर शूटिंग का आदेश दिया था. उन्होंने हमारे छात्रों के खून में पैलेट उतारे. उन्होंने भारत के स्टूडेंट्स को गोली मारने का आदेश दिया था.’

इस पर लोकसभा स्पीकर ने दख़ल देते हुए कहा कि जिस बिल पर चर्चा है उससे जुड़े मंत्री यहां बैठे हुए हैं, गृह मंत्रालय का इससे कोई संबंध नहीं है. इसलिए अमित शाह मौजूद नहीं हैं. उन्होंने राहुल गांधी को सिर्फ़ तथ्यों के आधार पर बात रखने को कहा.

ओम बिरला ने कहा, ‘जब तक आपके पास अपनी बात का सबूत न हो, तब तक उसे सदन की कार्यवाही में दर्ज नहीं किया जाना चाहिए.’

इस पर राहुल गांधी ने कहा, ‘बलप्रयोग की मंज़ूरी सिर्फ़ गृह मंत्री या प्रधानमंत्री ही दे सकते हैं.’

किरेन रिजिजू ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राहुल गांधी गलत बात बोल रहे हैं और नेता प्रतिपक्ष होने के नाते गंभीरता से बात बोलनी चाहिए.

इस पर सदन में भारी हंगामा हुआ और सत्तारूढ़ दल के सांसदों ने उनसे माफ़ी मांगने को कहा.

इसते बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष, दोनों तरफ से भारी विरोध देखने को मिला. जहां विपक्ष का कहना था कि सरकार सच से भाग रही है, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से लगातार माफ़ी की मांग की गई.

इस दौरान विपक्ष की ओर से ‘गोली किसने चलाई? जवाब दो, जवाब दो.’ के नारे सुनाई दिए. जबकि रिजिजू ने राहुल गांधी से से उनकी कही बतों के पक्ष में सबूत की मांगे.

रिजिजू ने कहा, ‘आप सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए कुछ भी कहकर नहीं जा सकते. अगर आप बोलना नहीं चाहते तो मत बोलिए, लेकिन हम गलत बातें कहने की इजाजत नहीं दे सकते.’

सदन में हंगामे के बीच बिरला ने कार्यवाही स्थगित कर दी.

इससे पहले राहुल गांधी ने अपने भाषण में आरएसएस का भी ज़िक्र किया.

उन्होंने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान एक प्रतीक हैं, आपका असली दुश्मन आरएसएस है… ध्यान रखिए. ये वो लोग हैं जो आपको स्टूडेंट नहीं बनने दे रहे हैं. ये वो लोग हैं जो चाहते हैं कि आप अंधभक्त बनें. यह भारत की आत्मा का रिएक्शन है जो कह रही है कि हम किसी भी हालत में आपके अंधभक्त नहीं बनेंगे.’
गौरतलब है कि बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि वे आज शाम 6 बजे – प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और वे सब बातें कहेंगे जो सदन में उन्हें कहने नहीं दिया गया.
राहुल गांधी ने कहा, ‘माइक बंद कर सकते हैं – छात्रों की गूंज नहीं.’