थाना रामपुर नैकिन के गांव तितरा शुक्लान में दबंगों का आतंक: ग्रामीणों को गोली और फावड़े से काटने की धमकी, पुलिस और डॉक्टर पर सांठगांठ के आरोप.

*रामपुर नैकिन (सीधी)*।जिला सीधी के जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के अंतर्गत आने वाले ग्राम तितरा शुक्लान से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के ग्रामीण पिछले कई महीनों से गाँव के ही कुछ रसूखदार दबंगों की प्रताड़ना और जानलेवा धमकियों से बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपियों को न सिर्फ स्थानीय पुलिस थाना प्रभारी का संरक्षण प्राप्त है, बल्कि स्थानीय डॉक्टर भी उनके साथ मिले हुए हैं, जिसके कारण पीड़ितों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
*क्या है पूरा मामला*?ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, गाँव के निवासी विपिन कुमार शुक्ला और सचिन कुमार शुक्ला (पिता उमेश कुमार शुक्ला) आए दिन शराब के नशे में धुत होकर गाँव के लोगों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। आरोपियों द्वारा महिलाओं और बहन-बेटियों के सामने अत्यंत अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग किया जाता है, जिससे गाँव का माहौल पूरी तरह खराब हो चुका है।दहशत में जी रहे हैं कई और ग्रामीण, शादी-ब्याह तक रुकेगाँव में खौफ का आलम यह है कि पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गाँव के अन्य नागरिक जैसे शिव कुमार शुक्ला, राज शुक्ला जय शुक्ला और राजेश शुक्ला समेत कई ग्रामीण इस समय भारी दहशत के साए में जी रहे हैं।पीड़ित परिवार ने बेहद भावुक और गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आरोपी उमेश कुमार शुक्ला अक्सर शराब पीकर खुलेआम धमकी देता है कि “तुम सब लोग मेरी जमीन पर बसे हो, तुम्हें जान से मार देंगे।” इस जानलेवा खौफ और लगातार मिल रही धमकियों के कारण पीड़ित ग्रामीण इतने डरे हुए हैं कि वे डर के मारे अपने लड़कों की शादी तक नहीं कर पा रहे हैं।गोली मारने और फावड़े से हमला करने की धमकी, डॉक्टर से सांठगांठ का आरोपमामले में ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब ग्रामीणों को गोली मारने और फावड़े से काटकर खत्म करने जैसी भयानक धमकियाँ सरेआम दे रहे हैं।इसके साथ ही ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि मारपीट की घटनाओं के बाद जब वे मेडिकल कराने जाते हैं, तो वहाँ के डॉक्टर भी आरोपियों से मिले हुए हैं। पैसों के दम पर मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर की जाती है ताकि आरोपियों को आसानी से बचाया जा सके। आरोपी सरेआम घमंड से कहते हैं कि “हमारे पास बहुत पैसा है, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।”थाने में मुश्किल से लिया जाता है आवेदन, थाना प्रभारी पर संरक्षण देने का आरोपपीड़ितों ने बताया कि रामपुर नैकिन थाने की स्थिति इतनी खराब है कि वहाँ आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना या आवेदन देना भी एक बहुत बड़ी चुनौती बन चुका है। पुलिस अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को टालने की कोशिश की जाती है और बहुत मुश्किल से केवल आवेदन लिया जाता है, लेकिन उस पर वास्तविक कार्रवाई शून्य रहती है।ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि रामपुर नैकिन थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी को बार-बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने और प्रताड़ना के कई वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। थाना प्रभारी द्वारा आरोपियों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है।
*पूर्व में सामने आए पीड़ितों का दर्द:*
*अनूप कुमार शुक्ल*: घर में सयानी (बड़ी) बेटियाँ हैं, जिनके सामने रोज अभद्र और गंदी गालियाँ दी जाती हैं।
*गेंदा शुक्ल:* आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की, थाने में रिपोर्ट करने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
*दुर्गा शुक्ल*: आए दिन बिना वजह विवाद खड़ा किया जाता है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
*सुधांशु शुक्ला*: शिकायत करने पर आरोपियों ने हाथ तोड़ दिया और पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया।इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अब पीड़ित ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है और वे इस मामले को लेकर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) और कलेक्टर के पास जाने की तैयारी कर रहे हैं।