1 से 5 जून के बीच थानों से हटाए जाएंगे 4 साल से जमे पुलिसकर्मी

डीजीपी ने जारी किए निर्देश
भोपाल/मंगल भारत

प्रदेश के पुलिस थानों में चार साल से एक ही जगह जमे आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर के कर्मचारी या अधिकारी हटाए जाएंगे। डीजीपी कैलाश मकवाना ने शुक्रवार को इस संबंध में सभी जिलों के एसपी को आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि किसी थाने में कोई भी पुलिसकर्मी सामान्य तौर पर 4 वर्ष और अधिकतम 5 वर्ष से अधिक समय तक तैनात नहीं रह सकेगा। आदेश में साफ कहा गया है कि थाना स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए एक ही जगह जमे कर्मचारियों का तबादला करना आवश्यक है। गौरतलब है कि 2025 में भी इसी तरह का आदेश जारी कर पुलिस ने 11 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किया था। आदेश के मुताबिक आरक्षक से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक का कोई भी पुलिसकर्मी एक थाने में सामान्यत: 4 साल तक ही पदस्थ रह सकता है और केवल स्पेशल केस में ही यह अवधि 5 साल हो सकती है। नए निर्देश के मुताबिक किसी पुलिसकर्मी को एक बार थाने से हटा दिया जाता है, तो उसे कम से कम अगले 3 साल से पहले दोबारा उसी थाने में पदस्थ नहीं किया जा सकेगा। डीजीपी के ऑर्डर के मुताबिक कॉन्स्टेबल से लेकर सब-इंस्पेक्टर पद का कर्मचारी एक ही सब-डिवीजन में अलग-अलग थानों में 10 साल से अधिक समय तक पदस्थ नहीं रहेगा। ऐसे स्टाफ के भी तबादले होंगे।
दो साल के लिए 59 सब-इंस्पेक्टर मंडला-बालाघाट भेजे
एमपी में नक्सलवाद पिछले साल ही दिसंबर में खत्म हो गया है, लेकिन अब भी मंडला और बालाघाट जिलों को पुलिस ने नक्सल प्रभावित की लिस्ट से बाहर नहीं किया है। शुक्रवार को पीएचक्यू ने बालाघाट और मंडला में दो साल से पदस्थ 59 सब-इंस्पेक्टरों के तबादले प्रदेश की अलग-अलग जिला और अन्य पुलिस यूनिटों में कर दिए हैं। डीआईजी एडमिन सत्येंद्र शुक्ला द्वारा जारी आदेश के मुताबिक अगले दो साल के लिए प्रदेश की अलग-अलग इकाइयों से 59 सब-इंस्पेक्टरों को मंडला और बालाघाट में पोस्ट किया गया है।