प्रदेश में एक साल में तीन गुना बढ़ गया सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार

भोपाल/मनीष द्विवेदी।मंगल भारत। सरकार भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस का कितना भी दावा करे ,…

*नैकहाई युद्ध में बलिदान हुये अपने वंशजों का क्षत्रियों द्वारा 8 फरवरी को किया जाऐगा श्रद्धांजलि सभा* *8 फरवरी 1796 में बलिदान हुए वीर सैनिकों के वंशजों का सम्मान व परिचय सम्मेलन का भी होगा भव्य आयोजन*

  *नैकहाई युद्ध में बलिदान हुये अपने वंशजों का क्षत्रियों द्वारा 8 फरवरी को किया जाऐगा…

फाइनल मैच का हुआ समापन अजय सिंह राहुल उपस्थित रहे.

फाइनल मैच का हुआ समापन अजय सिंह राहुल उपस्थित रहे. संजय तिवारी सीधी: रामपुर नैकिन आरपीएल…

गोवा में दलबदल का ये नया ‘आध्यात्मिक’ रूप !

सत्ता के लिए कभी भी किसी की गोद में बैठने को राजनीतिक शिष्टाचार मानने वाले 5…

आखिर कौन निपटा रहा है गोपाल भार्गव और उनके परिवार को

साढ़ू भाई के बाद अब पुत्र अभिषेक पर शिकंजा कसने की तैयारी. भोपाल/मंगल भारत।मनीष द्विवेदी। प्रदेश…

पदोन्नति का मामला: 5 माह में एक दर्जन बैठकें, नतीजा सिफर

भोपाल/मंगल भारत।मनीष द्विवेदी। कर्मचारियों की पदोन्ननति के मामले में अब भी सरकार का रुख स्पष्ट नहीं…

पूर्व आईपीएस अफसर को अब पड़ रही मनमानी भारी

पूर्व आईपीएस अफसर को अब पड़ रही मनमानी भारी. प्रदेश के एक पूर्व आईपीएस अफसर पर…

मुद्दों की जगह माननीयों ने क्षेत्र की.. समस्याओं का लगाया अंबार

भोपाल/मंगल भारत।मनीष द्विवेदी। भाजपा विधायक दल की बैठक में उस समय अजीब स्थिति बन गई , जब…

जहर से हो रही खेती मौत बांट रही, जैविक खेती को सिर्फ नारा बना दिया !

रासायनिक खादों और कीटनाशकों के इस्तेमाल ने पूरी दुनिया की धरती में खेती के उत्पादन, खाद्य…

अंधविस्वास का अनोखा नमूना ऐसे और पोस्ट देखने के लिए और मंगलभारत न्यूज़ से जुड़ने के…

दिल की बात आप के साथ, बलराम पांडेय

सच मे कड़वाहट होना स्वाभाविक है और इसलिए अक्सर कहा जाता है कि सच कड़वा होता है

और सच सुनने के लिए कान से ज्यादा बुद्धि और विवेक की आवश्यक्ता होती है जिनके पास ये सब मौजूद हो तो वो इस बात को सुन सकते है

उड़ती धूल और खराब सड़क आखिर चुरहट के नागरिकों को कब तक काल के गाल मे ढकेलती रहेगी, यह प्रश्न किसी एक व्यक्ति विशेष का नहीं होना चाहिए यह प्रश्न चुरहट की समस्त जनता जनार्दन का होना चाहिए मुझे याद है एक वह समय था जब पूरे प्रदेश क्या पूरे देश में चुरहट का डंका बजता था लेकिन बीते 15 सालों से चुरहट की इतनी दुर्दशा हो गई है कि लोग चुरहट क्षेत्र को गुलामो का क्षेत्र कहने में मजबूर हो गए हैं

अब सवाल ये उठता है कि आखिर जनता को गुलाम क्यों कहा जा रहा है इसका जवाब सीधा है सभी आम जनमानस को पता है कि चुरहट की जर्जर सड़क से उड़ती धूल एवं होने वाली दुर्घटनाएं कितनी बार लोगों को स्वर्ग लोक की यात्रा करा चुकी है जनता को यह भी पता है कि जितने आंदोलन सड़क के लिए किए गए वे सभी किसी न किसी राजनीतिक पार्टी द्वारा किए गए जिसमें केवल अपने आप को फ्रंट में लाना मुख्य उद्देश्य था जबकि कोई भी पार्टी सड़क बनाने में दिलचस्पी नहीं रखती उन्हें केवल राजनीतिक रोटी सेकने से मतलब है और जनता तमाशबीन की तरह तमाशा देख रही है यही कारण है कि जनता चुरहट की गुलाम हो चुकी है

लेकिन एक दूसरा पहलू भी है अगर वास्तव में जनता चाहे तो रोड 2 महीने के अंदर बन सकती है लेकिन चुरहट की जनता को सार्वजनिक कार्यों में कोई दिलचस्पी आज तक नहीं देखने को नहीं मिली वह नेताओं के पीछे जिंदाबाद जिंदाबाद के नारे लगाने लायक हैं ज्यादा हुआ तो मुर्दाबाद के नारे लगा दिए जाएंगे, यह मेरी व्यक्तिगत विचार है

कल लगभग सायं 4:00 बजे एक विद्वान समाजसेवी अधिवक्ता जिनका बड़ा नाम है उनके पास में बैठा था और सड़क के बारे में चर्चा करने लगा उन्होंने कहा कि यह सड़क नेताओं के बस का नहीं है यह जनता जनार्दन चाहे तो सड़क 2 से 3 महीने के अंदर बन सकती है यदि एक हाई कोर्ट में दायर कर दिया जाए तो सड़क बनाने में समय नहीं लगेगा हां थोड़ा खर्चा आएगा लेकिन जनता शायद इसके लिए भी तैयार ना हो तब मैंने चुरहट के नागरिक होने के नाते कहा कि आप पीआईएल दायर करें सभी हमारे व्यापारी साथी एवं पीड़ित व्यक्ति आगे आएंगे यह मेरा विश्वास है मेरा विश्वास कितना सही है यह एक यक्ष प्रश्न की तरह मेरे मस्तक पटल पर शेषनाग की तरह पूरी रात मडरा रहा था,

आप सभी के लिए इन सब्दो का उपयोग करने वाला घोर अपराधी आपका बलराम पांडेय

 

सीता माता ने भरी शिव सरकार की झोली

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बजट 2022-23: आठ बिंदुओं में समझें कि प्रमुख क्षेत्रों को कितना आवंटन हुआ

आठ बिंदुओं में समझाने की कोशिश की है कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने…